Bhavishy Darshan
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Favourable Gems/राशि रत्न


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Tantrik Pendant/ तांत्रिक लाकेट

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Rashiphal / राशिफल

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दीक्षान्त समारोह फोटो

 
दिशाओं का उपाय
     पूर्व से पश्चिम की ओर और उत्तर से दक्षिण की ओर न हो :- सीढ़ी की दिशा हमेशा पूर्व या उत्तर से शुरू होनी चाहिए और ऊपर की ओर पश्चिम या दक्षिण में जानी चाहिए इससे ऊपरी मंजिल पर पूर्व और उत्तर की संतुलित ऊर्जा का लाभ मिलेगा। यदि यह स्थिति उल्टी है, तो यह कई समस्या का कारण बन सकती हैं। यदि सीढ़ी की दिशा तोड़कर बदलना संभव नहीं है, तो उसे पिरामिड यंत्र लगाकर सुधारा जा सकता है। पहली तीन सीढ़ियों पर चित्र के अनुसार 3-3 पिरामिड यंत्र लगाकर सीढ़ी को सुरक्षित बनाया जा सकता है।
इसके लिए स्टेयर केस 9x9 का प्रयोग भी किया जा सकता है।
     केंद्र विहीन भूखंड का पायरा वास्तु :- गुरूत्वाकर्षण केंद्र का अपना महप्व है। कुछ भूखंडों में यह केंद्र (ब्रह्मस्थल) के अंदर न होकर बाहर स्थित रहता है। ऐसे में भूखंड के 2 या अधिक भाग में पिरामिड यंत्र स्थापित करके, दीवार खड़ी करके उसे विभाजित करें। फिर प्रत्येक भाग को एक भूखंड मानकर 9 मल्टियर पिरामिड यंत्र लगाकर ऊर्जित करें।

     दिक् दोष होने पर :- यदि भूखंड की भुजाएं मुख्य दिशाओं के समानांतर नहीं हैं, तो ईशान आदि कोण कोणों में नहीं आते। ऐसे विदिशा भूखंड कहते हैं। इस दोष को समाप्त करने के लिए भूखंड के मध्य में 9, 81 या 729 पिरामिड भूखंड के आकार को मद्दे नजर रखते हुए दबाये जाते हैं।

     फ्लैट के ब्रह्मस्थल को क्रियाशील करना :- यदि किसी के पास पांच मंजिल पर फ्लैट है और कोई व्यक्तिगत भूमि नहीं है, तो पहले ब्रह्मस्थल निकालें और भीतरी सीलिंग में 9 मल्टियर पिरामिड यंत्र लगायें।

     यदि किसी का फ्लैट या भवन निर्माणधीन है, तो पूरे मकान में प्रत्येक टाइल के नीचे एक पायस चिप रखें। इस प्रकार से टाइलें फर्श पर फिट करने से पूर्व ही उनके केंद्र में एक पायरा चिप लगाने से प्रत्येक वर्गफुट एक यंत्र की तरह कार्य करेगा। इसके पश्चात् आप अपने घर के या कार्यस्थल के छोटे-मोटे वास्तु दोषों को भूल जायें। क्योंकि यह चिप उन सभी का निवारण करेगी।
Pooja/Tantra           पूजा / तंत्र

    आपकी वर्तमान एंव भविष्य की परेशानियों एंव कष्टों को दूर करने हेतु मंत्र तंत्र, अनुष्ठान एंव यज्ञ का प्रावधान है जिससे शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एंव शिक्षा आदि परेशानियों को दूर किया जा सकता है।

विवाह तंत्र घट विवाह अनुष्ठान अनुकूल रत्न
 
Our Products           हमारे उत्पाद

    सिद्ध यंत्र, सिद्ध लाकेट, सिद्ध रुद्राक्ष एंव सिद्ध मालायें धारण करने एंव मंत्रों के जाप से पति-पत्नि बशीकरण, मुकदद्मा जीतने, शिक्षा एंव नौकरी की रूकावटों, शारीरिक, मानसिक परेशानी दूर की जा सकती है।

सिद्ध पूजा यंत्र सिद्ध-रुद्राक्ष मालायें सिद्ध लाकेट
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    हम अपनी ज्योतिष, तंत्र शिक्षा प्रसार समिति द्वारा ज्योतिषशास्त्र, वास्तुशास्त्र एवं अंकविज्ञान आदि की शिक्षा प्रदान करते है। यह संस्था अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ, नई दिल्ली से सम्बद्ध (affilated) है।

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    आपको ज्योतिष एंव वास्तु का ज्ञान प्रदान करके जीवन की उन्नति हेतु हम द्वि-मासिक "भविष्य निर्णय" पत्रिका, भविष्य दर्शन पंचांग कालदर्शक (कलेण्डर) एवं लघु पाकेट पंचांग का प्रकाशन करते हैं।

पत्रिका कलेण्डर पंचांग लेख

 
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